Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

सांसद हेमा मालिनी ने किसान आंदोलन को बताया फर्जी कहां किसानों को नहीं पता कि वह किस लिए कर रहे हैं आंदोलन

 केद्र सरकार द्वारा पारित 3 नए कृषि बिलों के विरोध में लगभग 50 दिन से किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं इस दौरान केंद्र सरकार और किसानों के बीच अब तक 9 स्तर की वार्ता हो चुकी है लेकिन सभी ऐसे असफल रही हालांकि आपको बता दें कि 11 जनवरी को किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के रवैया को गैर जिम्मेदार पूर्ण बताते हुए फटकार लगाई थी और यह भी कहा था कि हम नहीं जानते कि आप किसानों के साथ क्या वार्ता कर रहे हैं लेकिन इस किसान आंदोलन में महिलाएं बच्चे भी शामिल है और हमें उसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा तथा 12 जनवरी को केंद्र सरकार द्वारा पारित 3 कृषि बिलो पर रोक लगाते हुए एक 4 सदस्य कमेटी की गठन करने का ऐलान किया इस कमेटी के गठन के बाद किसानों ने कमेटी मैं जाने से इनकार कर दिया



बीजेपी सांसद हेमा मालिनी का बयान

इसी बीच मथुरा लोकसभा संसदीय क्षेत्र से बीजेपी की विधायक हेमा मालिनी ने बयान जारी कर किसान आंदोलन को फर्जी बता दे आपको बता दें कि हेमा मालिनी ने कहा था कि जो यह किसान आंदोलन कर रहे हैं उनमें से अधिकांश को यह भी नहीं पता कि वह किन मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा का हवाला देते हुए कहा था कि वहां के किसानों को जब भी कोई सहायता की आवश्यकता होती है तो किसानों ने फोन करते हैं और वे उनकी पूरी सहायता करती है
बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी ने इस किसान आंदोलन को भ्रमित बताया है उन्होंने कहा कि इस किसान आंदोलन का दायरा बढ़ता जा रहा था माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाकर आंदोलन को बंद करने की अच्छी पहल की है ।
सांसद ने बताया कि जब भी केंद्रीय मंत्री किसानों से वार्ता करने जाते हैं तो वह अन्य किसी मुद्दे पर बातचीत नहीं करना चाहते ।

रिलायंस जियो टावर का किया जिक्र

बीजेपी सांसद बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पंजाब में रिलायंस जिओ के टावर मैं की गई तोड़फोड़ से भी नाराजगी जताई है। लोगों ने पंजाब में रिलायंस जियो के कई टावर तोड़ दिए हैं। जिसे देखकर बुरा लग रहा है। हमारी सरकार उन्हें यह कह रही है कि बातचीत करके इसका समाधान निकाला जा सकता है।

उन्होंने ये भी कहा है कि मथुरा के किसानों को इन कृषि बिलों से कोई परेशानी नहीं है। वह इन कृषि बिलों से बहुत खुश हैं।


इसके साथ ही हेमा मालिनी ने यह भी कहा है कि किसान संगठन विपक्षी दलों के भड़काने पर यह आंदोलन कर रहे हैं।


टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां